नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (एन.आई.ए.) ने आज अपना इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (आई.ए.टी.ए.) कोड जारी किया। डी.एक्स.एन. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का आधिकारिक आई.ए.टी.ए. कोड होगा।

राष्ट्रीय - 07 जुलाई 2023 नोएडा/ग्रेटर नोएडा/जेवर, 27 सितंबर, 2023
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (एनआईए) ने आज अपना इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (आई.ए.टी.ए.) कोड जारी किया। डी.एक्स.एन. नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का आधिकारिक आई.ए.टी.ए. लोकेशन आइडेंटिफायर या तीन–अक्षरों वाला कोड होगा। इस नए कोड के आवंटन के साथ, एनआईए अपने ग्राहकों के और करीब आ गया है, जो 2024 के अंत तक नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरते समय विभिन्न प्लेटफार्मों पर इस एयरपोर्ट की पहचान कर सकेंगे। यह कोड, जो एयरपोर्ट संचालन शुरू होने के बाद सक्रिय होगा, यात्रियों और विमानन पेशेवरों को गंतव्यों की त्वरित और सटीक पहचान और संवाद स्थापित करने में मदद करेगा, जिससे किसी भी भ्रम या गलती से बचा जा सकेगा।
आगामी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट भारतीय संस्कृति और मेहमाननवाज़ी को स्विस तकनीक और कार्यकुशलता के साथ जोड़कर एक आधुनिक, उपयोगकर्ता–अनुकूल डिज़ाइन विकसित करेगा, जो भारत से प्रेरित होगा और न्यूनतम पर्यावरणीय प्रभाव के प्रति प्रतिबद्ध होगा। एनआईए एक डिजिटल एयरपोर्ट के रूप में एक नया मानक स्थापित करेगा, जिसमें अत्याधुनिक तकनीक– का उपयोग करके यात्रियों को एक सहज और कुशल अनुभव प्रदान किया जाएगा।
क्रिस्टोफ श्नेलमैन, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने कहा, ""दुनिया के सबसे बड़े शहरी समूहों में से एक के रूप में, भारत के नेशनल कैपिटल रीजन को एक दूसरे एयरपोर्ट की आवश्यकता है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट इस लंबे समय–से प्रतीक्षित सपना को साकार करेगा और हमें अपना तीन–अक्षरों वाला आई.ए.टी.ए. कोड प्राप्त होने की खुशी है, जो एयरपोर्ट के संचालन की दिशा में एक प्रमुख पड़ाव है। हम इस क्षेत्र के नए आर्थिक और सांस्कृतिक केंद्र में यात्रियों, ग्राहकों और साझेदारों का स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं।""
आई.ए.टी.ए. कोड प्रत्येक एयरपोर्ट के लिए विशिष्ट होते हैं और वैश्विक स्तर पर एयरपोर्ट्स की पहचान सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभाते हैं, जिससे देशों और शहरों के बीच किसी भी प्रकार की भ्रम की स्थिति से बचा जा सके। ये कोड न केवल यात्रियों के यात्रा दस्तावेज़ों पर होते हैं, बल्कि रोज़मर्रा की कई अन्य संचार प्रक्रियाओं में भी इनका उपयोग आवश्यक होता है। उड़ान अनुसूचियों, टिकटिंग, एक एयरपोर्ट से दूसरे एयरपोर्ट तक बैगेज हैंडलिंग, और संचार, संचालन व लॉजिस्टिक्स को सुव्यवस्थित और नियंत्रित करने तक, आई.ए.टी.ए. कोड हर स्तर पर एयरपोर्ट की पहचान को सशक्त बनाते हैं।
प्रगति के मोर्चे पर, एयरपोर्ट का निर्माण कार्य तेज़ी से चल रहा है। ई.पी.सी. निर्माण अनुबंध दिए जाने के एक साल से अधिक हो चुका है, जिसे टाटा प्रोजेक्ट्स को सौंपा गया था। यात्री टर्मिनल पर छत को सहारा देने के लिए आवश्यक स्ट्रक्चरल स्टील का काम चल रहा है। एटीसी टावर अब 30 मीटर से अधिक की ऊंचाई पर पहुंच चुका है। इसके अतिरिक्त, रनवे की पूरी लंबाई में सबग्रेड कार्य प्रगति पर है। साइट पर लगभग 7000 श्रमिक पूर्ण रूप से तैनात हैं। आने वाले कुछ महीनों में साइट पर 20 से अधिक इमारतें तैयार की जाएंगी, जिनमें यात्री टर्मिनल, एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर, कार्यालय भवन, सीवेज और जल शोधन संयंत्र, और विद्युत उपकेन्द्र शामिल हैं।
एनआईए ने एयरपोर्ट के लिए विभिन्न अन्य एरोनॉटिकल और नॉन–एरोनॉटिकल रियायतों के लिए भी निविदाएं जारी की हैं। एफ एंड बी रियायतों और लाउंज के लिए निविदाएं पहले ही जारी हो चुकी हैं, जबकि विज्ञापन और ग्राउंड हैंडलिंग से संबंधित रियायतें आगामी दिनों में साझा की जाएंगी। इस सप्ताह कार्गो टर्मिनल के निर्माण कार्य का भूमि पूजन भी निर्धारित है।
यह एयरपोर्ट पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगा और दिल्ली एनसीआर से आने-जाने वाली हवाई यात्राओं की क्षमता को बढ़ाएगा, साथ ही यह क्षेत्र में अवसंरचना विकास, आर्थिक प्रगति और रोजगार सृजन का उत्प्रेरक भी बनेगा।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बारे में
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (एनआईए) ग्रेटर दिल्ली क्षेत्र और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को भारत और दुनिया के अन्य शहरों से जोड़ेगा। यह विश्व–स्तरीय एयरपोर्ट स्विस दक्षता और भारतीय मेहमाननवाज़ी को एक साथ लाकर यात्रियों को समृद्ध अनुभव और व्यापक व्यावसायिक आकर्षण एवं सेवाएं प्रदान करेगा। एनआईए अपने वर्ग का भारत का पहला एयरपोर्ट होगा जो नेट ज़ीरो उत्सर्जन प्राप्त करेगा, और सतत हवाई अड्डा संचालन के लिए एक नया मानक स्थापित करेगा।
