समाचार अवलोकन

बी.पी.सी.एल. पियाला से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक एटीएफ पाइपलाइन का निर्माण करेगा।

17/04/2024

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (एन.आई.ए.) और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बी.पी.सी.एल.) ने 20 फरवरी को एक समझौते पर हस्ताक्षर किए।

नई दिल्ली, 16 अप्रैल 2024

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (एनआईए) और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) ने 20 फरवरी 2024 को एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत बीपीसीएल के पियाला टर्मिनल से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टैंक फार्म तक एक समर्पित एविएशन टरबाइन फ्यूल (ए.टी.एफ) पाइपलाइन बिछाई जाएगी। यह पाइपलाइन एयरपोर्ट की ए.टी.एफ आवश्यकताओं को कुशलतापूर्वक पूरा करेगी और कार्बन उत्सर्जन को भी कम करेगी।

यह समझौता बीपीसीएल की ओर से श्री सुजीत कुमार, मुख्य महाप्रबंधक, मार्केटिंग (एविएशन) और एनआईए की ओर से सुश्री नीतू समरा, मुख्य वित्तीय अधिकारी ने हस्ताक्षरित किया। इस अवसर पर बीपीसीएल से श्री बिजू गोपीनाथ, कार्यकारी निदेशक (पाइपलाइन्स) और श्री संजीव कुमार, बिजनेस हेड (एविएशन), तथा एनआईए से सुश्री किरण जैन, मुख्य परिचालन अधिकारी और सुश्री मयूरी वत्स, प्रमुख – विधि उपस्थित रहे।

यह समर्पित ए.टी.एफ पाइपलाइन 34 किलोमीटर से अधिक लंबी है, जिसमें से 1.2 किलोमीटर एयरपोर्ट परिसर के भीतर फैली होगी। परिचालन शुरू होने के बाद यह पाइपलाइन कॉमन/कॉन्ट्रैक्ट कैरियर आधार पर कार्य करेगी, जिससे एयरपोर्ट तक ईंधन की आपूर्ति निर्बाध रूप से की जा सकेगी।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की पर्यावरणीय जिम्मेदारी के प्रति प्रतिबद्धता के अनुरूप, यह कॉमन यूज़ फ्यूल ट्रांसपोर्टेशन पाइपलाइन ईंधन प्राप्ति को सरल बनाएगी और टैंकर लॉरी की आवाजाही को समाप्त करके उत्सर्जन को कम करेगी।

श्री सुखमल जैन, निदेशक (मार्केटिंग), बीपीसीएल ने एक वक्तव्य में कहा कि बीपीसीएल भारत में एविएशन उद्योग की शुरुआत से ही एयरपोर्ट्स पर ए.टी.एफ सुविधाएं और सहायक अवसंरचना स्थापित करने में अग्रणी रहा है। उन्होंने सड़क मार्ग से ईंधन परिवहन को न्यूनतम कर कार्बन उत्सर्जन को कम करने और एक अधिक टिकाऊ भविष्य के निर्माण के प्रति बीपीसीएल की प्रतिबद्धता को दोहराया।

इस सोच को आगे बढ़ाते हुए, सुश्री किरण जैन, मुख्य परिचालन अधिकारी, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने कहा, “हमें कॉमनयूज़ फ्यूल ट्रांसपोर्टेशन पाइपलाइन के विकास के लिए बीपीसीएल के साथ साझेदारी कर खुशी हो रही है, जो हमारी रणनीतिक दृष्टि के अनुरूप है – लागत प्रभावी और टिकाऊ समाधान प्रदान करना, जो तरल ईंधनों के परिवहन के लिए सड़क परिवहन की तुलना में अधिक किफायती हैं। हमें विश्वास है कि यह पहल न केवल कार्बन उत्सर्जन को कम करेगी बल्कि हमारी समग्र दक्षता को भी बढ़ाएगी, और एक टिकाऊ भविष्य की दिशा में योगदान देगी, जिसकी आज सख्त आवश्यकता है।”

भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) के बारे में

फॉर्च्यून ग्लोबल 500 कंपनी, भारत पेट्रोलियम भारत की दूसरी सबसे बड़ी तेल विपणन कंपनी है और यह एकीकृत ऊर्जा कंपनियों में से एक है, जो कच्चे तेल के शोधन और पेट्रोलियम उत्पादों के विपणन में संलग्न है। इसका संचालन तेल और गैस उद्योग के अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम दोनों क्षेत्रों में फैला हुआ है। कंपनी को "महारत्न" का प्रतिष्ठित दर्जा प्राप्त है, जिससे इसे अधिक परिचालन और वित्तीय स्वायत्तता प्राप्त है।

भारत पेट्रोलियम की मुंबई, कोच्चि और बीना स्थित रिफाइनरियों की संयुक्त शोधन क्षमता लगभग 35.3 एमएमटीपीए है। इसकी मार्केटिंग अवसंरचना में इंस्टॉलेशन्स, डिपो, एनर्जी स्टेशन, एविएशन सर्विस स्टेशन और एलपीजी वितरक नेटवर्क शामिल हैं। इसके वितरण नेटवर्क में 21,000 से अधिक एनर्जी स्टेशन, 6,200 से अधिक एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरशिप्स, 525 ल्यूब डिस्ट्रीब्यूटरशिप्स, 123 POL स्टोरेज स्थान, 53 एलपीजी बॉटलिंग प्लांट्स, 70 एविएशन सर्विस स्टेशन, 4 ल्यूब ब्लेंडिंग प्लांट्स और 4 क्रॉसकंट्री पाइपलाइन्स (30.09.2023 की स्थिति अनुसार) शामिल हैं।

भारत पेट्रोलियम अपनी रणनीति, निवेशों, पर्यावरण और सामाजिक लक्ष्यों को एकीकृत कर एक टिकाऊ ग्रह की ओर अग्रसर हो रहा है। कंपनी ने अगले 5 वर्षों में लगभग 7000 एनर्जी स्टेशनों पर इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने की योजना बनाई है।
टिकाऊ समाधानों पर ध्यान केंद्रित करते हुए, कंपनी एक ईकोसिस्टम और रोडमैप विकसित कर रही है, ताकि 2040 तक स्कोप 1 और स्कोप 2 उत्सर्जन में नेट ज़ीरो एनर्जी कंपनी बन सके। भारत पेट्रोलियम समुदायों के साथ साझेदारी कर शिक्षा, जल संरक्षण, कौशल विकास, स्वास्थ्य, सामुदायिक विकास, क्षमता निर्माण और कर्मचारियों की वॉलंटियरिंग जैसे क्षेत्रों में कई पहलों का समर्थन कर रहा है। ‘एनर्ज़ाइज़िंग लाइव्स’ को अपने मूल उद्देश्य के रूप में अपनाते हुए, भारत पेट्रोलियम का विज़न है कि वह प्रतिभा, नवाचार और तकनीक का लाभ उठाते हुए एक प्रशंसित वैश्विक ऊर्जा कंपनी बने।

अधिक जानकारी के लिए कृपया संपर्क करें:

कार्यकारी निदेशक (पीआर एवं ब्रांड),

एस. अब्बास अख्तर

  • +91 22 22713340
  • akhtars@bharatpetroleum.in

उप महाप्रबंधक (पीआर एवं ब्रांड)

सौरभ जैन

  • + 91 9895095210
  • jains4512@bharatpetroleum.in

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बारे में

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (आई.ए.टी.ए. कोड – डी.एक्स.एन.) ग्रेटर दिल्ली क्षेत्र और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को भारत और दुनिया के अन्य शहरों से जोड़ेगा। यह विश्वस्तरीय एयरपोर्ट स्विस दक्षता और भारतीय मेहमाननवाज़ी का संगम होगा, जो यात्रियों को समृद्ध अनुभव और व्यापक व्यावसायिक आकर्षण व सेवाएं प्रदान करेगा। एनआईए अपने वर्ग में भारत का पहला एयरपोर्ट होगा जो नेट ज़ीरो उत्सर्जन प्राप्त करेगा, और टिकाऊ एयरपोर्ट संचालन के लिए एक नया मानक स्थापित करेगा। 

यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (वाई.आई.ए.पी.एल.) की स्थापना नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट नामक ग्रीनफील्ड परियोजना के विकास, निर्माण और संचालन के लिए की गई थी। यह कंपनी ज़्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी की 100% स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है और यह उत्तर प्रदेश सरकार और भारत सरकार के साथ निकट साझेदारी में इस सार्वजनिकनिजी साझेदारी परियोजना के कार्यान्वयन की ज़िम्मेदारी निभा रही है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए रियायत अवधि 01 अक्टूबर 2021 से शुरू हुई है और यह 40 वर्षों तक चलेगी। अपने उद्घाटन के समय, एयरपोर्ट में एक रनवे और एक टर्मिनल होगा और यह 1.2 करोड़ यात्रियों की वार्षिक क्षमता को संभालेगा, साथ ही भविष्य में अतिरिक्त निर्माण चरणों में और विस्तार की संभावना भी होगी।