नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (एन.आई.ए.) अपने विकास लक्ष्यों पर लगातार अग्रसर है, जहां उड़ानों की जांच के लिए वैलिडेशन फ्लाइट्स की तैयारी जारी है।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट दिसंबर 2024 तक वैलिडेशन फ्लाइट्स के लिए तैयार है; व्यावसायिक संचालन अप्रैल 2025 से शुरू होने की योजना है।
नोएडा/दिल्ली, 29 अगस्त 2024
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (एनआईए) अपने विकास लक्ष्यों के साथ तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। दिसंबर 2024 तक उड़ान प्रक्रियाओं के परीक्षण के लिए वैलिडेशन फ्लाइट्स और एयरोड्रोम लाइसेंस आवेदन दाखिल किए जाने की उम्मीद है। एयरपोर्ट पर व्यावसायिक संचालन अप्रैल 2025 के अंत तक शुरू होने के लिए निर्धारित हैं। निर्माण गतिविधियों की शुरुआत से अब तक के दो वर्षों में एनआईए ने असाधारण प्रगति दिखाई है। एयरपोर्ट के पूर्ण रूप से चालू होने पर यह भारतीय विमानन क्षेत्र के विकास में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
निर्माण की स्थिति
- यात्री टर्मिनल आकार ले रहा है: फसाड और छत पर कार्य जारी है, बैगेज हैंडलिंग सिस्टम का इंस्टॉलेशन लगभग पूरा हो चुका है, एमईपी और फिनिशिंग कार्य प्रगति पर हैं।
- रनवे पूर्ण: रनवे पर एस्फाल्ट का कार्य पूरा हो गया है। रनवे मार्किंग्स, अप्रोच लाइट्स और एयरफील्ड ग्राउंड लाइटिंग का कार्य जारी है।
- एयर ट्रैफिक कंट्रोल: एटीसी टावर पर एमईपी और फिनिशिंग कार्य जारी हैं, जबकि डीवीओआर जैसी नेविगेशनल एड्स की कैलिब्रेशन पूरी हो चुकी है और इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) की तैयारी की जा रही है।
साझेदारियाँ और संचालन
- एयरलाइंस का जुड़ाव: इंडिगो और अकासा एयर के साथ समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर हो चुके हैं, और नेटवर्क योजना तथा परिचालन आवश्यकताओं पर चर्चा चल रही है। अन्य घरेलू और अंतरराष्ट्रीय एयरलाइनों की भी गहरी रुचि देखी गई है।
- प्रमुख रियायतें प्रदान की गईं: ईंधन भराव सेवाओं, ग्राउंड हैंडलिंग और कार्गो जैसी प्रमुख एयरोनॉटिकल रियायतें प्रदान की गई हैं। रिटेल, डाइनिंग, लाउंज, ड्यूटी–फ्री और होटल से संबंधित नॉन–एयरो रियायतों पर भी हस्ताक्षर किए जा चुके हैं।
- निर्बाध यात्री अनुभव: एयरपोर्ट की प्रमुख प्रणालियों के फैक्ट्री स्वीकृति परीक्षण पूरे हो चुके हैं, और उपकरण साइट पर आना शुरू हो चुके हैं। चेक–इन कियोस्क, सेल्फ–सर्विस बैग ड्रॉप्स और ई–गेट्स का परीक्षण चल रहा है।
- परिचालन तैयारी: एयरफील्ड लाइटिंग, पैसेंजर बोर्डिंग ब्रिज, लिफ्ट और एस्केलेटर जैसी प्रमुख परिचालन और रखरखाव सेवाओं के लिए समझौते किए गए हैं। एनआईए 2024 के अंत तक एयरोड्रोम लाइसेंस के लिए आवेदन करेगा।
एनआईए अपने ईपीसी ठेकेदार टाटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड और सभी हितधारकों के साथ मिलकर निर्माण गतिविधियों की गति बनाए रखने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। एयरपोर्ट का परिचालन अप्रैल 2025 के अंत तक शुरू होने की योजना है, जिससे इस क्षेत्र में कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास का एक नया युग शुरू होगा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट भारतीय गर्मजोशी और मेहमाननवाज़ी को स्विस तकनीक और दक्षता के साथ जोड़कर भारत से प्रेरित एक आधुनिक, उपयोगकर्ता–अनुकूल डिज़ाइन विकसित करेगा। एयरपोर्ट के पहले चरण में एक रनवे और एक टर्मिनल होगा, जो सालाना 1.2 करोड़ यात्रियों को संभालने की क्षमता रखेगा। सभी चार विकास चरणों के पूरा होने के बाद, एयरपोर्ट 7 करोड़ यात्रियों की वार्षिक क्षमता तक सेवा देने में सक्षम होगा।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बारे में
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (आई.ए.टी.ए.कोड – डी.एक्स.एन.) ग्रेटर दिल्ली क्षेत्र और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को भारत और दुनिया के अन्य शहरों से जोड़ेगा। यह विश्व–स्तरीय एयरपोर्ट स्विस दक्षता और भारतीय मेहमाननवाज़ी को एक साथ लाकर यात्रियों को समृद्ध अनुभव और व्यापक व्यावसायिक आकर्षण और सेवाएं प्रदान करेगा। एनआईए सतत डिज़ाइन और संचालन सिद्धांतों द्वारा समर्थित एक महत्वाकांक्षी नेट–ज़ीरो उत्सर्जन लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध है।
यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (वाई.आई.ए.पी.एल.) की स्थापना नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट नामक ग्रीनफील्ड परियोजना के विकास, निर्माण और संचालन के लिए की गई थी। यह कंपनी ज़्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी की 100% सहायक इकाई है और उत्तर प्रदेश सरकार तथा भारत सरकार के साथ मिलकर इस सार्वजनिक–निजी साझेदारी परियोजना को लागू करने की जिम्मेदारी निभा रही है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए रियायत अवधि 01 अक्टूबर 2021 से शुरू हुई है और यह 40 वर्षों तक चलेगी। उद्घाटन के समय एयरपोर्ट में एक रनवे और एक टर्मिनल होगा और यह 1.2 करोड़ यात्रियों को संभालने की क्षमता रखेगा – भविष्य में निर्माण के अन्य चरणों में और विस्तार की संभावना भी है।
