नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (एन.आई.ए.) ने इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (आई.एल.एस.) की कैलिब्रेशन सफलतापूर्वक पूरी कर ली है

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम की सफल कैलिब्रेशन के साथ एक और पड़ाव पार किया है।
नोएडा/नई दिल्ली, 15 अक्टूबर 2024
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (एनआईए) ने इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (आई.एल.एस.) और प्रिसिशन अप्रोच पाथ इंडिकेटर (पी.ए. पी.आई.) की सफलतापूर्वक कैलिब्रेशन प्रक्रिया पूरी कर ली है। एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ए.ए.आई) के Beech King Air 360ER विमान ने गुरुवार, 10 अक्टूबर को कैलिब्रेशन की शुरुआत की, जो 14 अक्टूबर 2024 को संपन्न हुई। यह कैलिब्रेशन AAI द्वारा, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डी.जी.सी.ए.) के सहयोग से किया गया और यह एनआईए की परिचालन तैयारी की दिशा में एक प्रमुख पड़ाव है, जो एयरपोर्ट पर विमानों के संचालन के लिए उच्चतम सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करता है।
आई.एल.एस. एक रेडियो नेविगेशन प्रणाली है जो खासकर कम दृश्यता की स्थितियों में पायलटों को सटीक मार्गदर्शन प्रदान करती है। इस प्रणाली के दो मुख्य घटक होते हैं:
- लोकलाइज़र विमान को रनवे के केंद्र–रेखा के अनुरूप लाने में मदद करता है और क्षैतिज मार्गदर्शन प्रदान करता है।
- ग्लाइड पाथ एंटीना विमान को ऊर्ध्वाधर मार्गदर्शन प्रदान करता है, जिससे एक सुरक्षित और सुचारू अवतरण सुनिश्चित होता है।
आई.एल.एस. एक आवश्यक सुरक्षा प्रणाली है जो पायलटों को कुहासा, वर्षा या अन्य प्रतिकूल मौसम परिस्थितियों में भी सुरक्षित लैंडिंग की अनुमति देती है। यह सुविधा एयरपोर्ट पर परिचालन दक्षता बनाए रखने और देरी को न्यूनतम करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इसके अतिरिक्त, पी.ए. पी.आई. रनवे के किनारे लगाए गए लाइट्स का एक सिस्टम है, जिसे अंतिम अप्रोच के दौरान पायलटों को उनकी सही अवतरण कोण के बारे में दृश्य संकेत देने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
आई.एल.एस. और पी.ए. पी.आई. का सफल कैलिब्रेशन नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए एक महत्वपूर्ण प्रगति है, जो इसके परिचालन लॉन्च की दिशा में एक और ठोस कदम है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बारे में
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (आई.ए.टी.ए. कोड – डी.एक्स.एन.) ग्रेटर दिल्ली क्षेत्र और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को भारत और दुनिया के अन्य शहरों से जोड़ेगा। यह विश्व–स्तरीय एयरपोर्ट स्विस दक्षता और भारतीय मेहमाननवाज़ी को मिलाकर यात्रियों को समृद्ध अनुभव और व्यापक व्यावसायिक आकर्षण एवं सेवाएं प्रदान करेगा। एनआईए एक महत्वाकांक्षी नेट–ज़ीरो उत्सर्जन लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध है, जो सतत डिज़ाइन और संचालन सिद्धांतों द्वारा समर्थित है।
यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (वाई.आई.ए.पी.एल.) की स्थापना नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट नामक ग्रीनफील्ड परियोजना के विकास, निर्माण और संचालन के लिए की गई थी। यह कंपनी ज़्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी की 100% सहायक इकाई है और उत्तर प्रदेश सरकार व भारत सरकार के साथ मिलकर इस सार्वजनिक–निजी साझेदारी परियोजना को कार्यान्वित कर रही है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए रियायत अवधि 01 अक्टूबर 2021 से शुरू हुई है और यह 40 वर्षों तक चलेगी। उद्घाटन के समय, एयरपोर्ट में एक रनवे और एक टर्मिनल होगा और यह सालाना 1.2 करोड़ यात्रियों को संभालने की क्षमता रखेगा — आगे के निर्माण चरणों में और विस्तार की संभावना है।
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