भारत के विमानन क्षेत्र में सतत अवसंरचना के विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम के रूप में, टाटा पावर, जो कि एक

राष्ट्रीय, 7 नवंबर, 2024
भारत के विमानन क्षेत्र में टिकाऊ अवसंरचना विकसित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए, टाटा पावर — भारत की सबसे बड़ी एकीकृत ऊर्जा कंपनियों में से एक — ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (एनआईए) के साथ नवीकरणीय ऊर्जा एकीकरण के लिए एक रणनीतिक साझेदारी की है।
नई दिल्ली में आयोजित समारोह में पवन और सौर ऊर्जा आपूर्ति से संबंधित दो पावर परचेज एग्रीमेंट्स (पी.ए. पी.ए.एस.) पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर टाटा पावर के प्रेसिडेंट– ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन, संजय बंगा; टाटा पावर रिन्युएबल एनर्जी लिमिटेड के सीईओ और एमडी, दीपेश नंदा; टाटा पावर ट्रेडिंग कंपनी लिमिटेड के सीईओ, तरुण कटियार; नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के सीईओ, क्रिस्टोफ श्नेलमैन; एनआईए के सीडीओ, निकोलस शेंक; और दोनों कंपनियों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
इस साझेदारी में अग्रणी भूमिका निभाते हुए, टाटा पावर ट्रेडिंग कंपनी लिमिटेड (टी.पी.टी.सी.एल.) एनआईए की सभी नवीकरणीय ऊर्जा आवश्यकताओं का प्रबंधन करेगी और इसके लिए एक व्यापक पावर परचेज एग्रीमेंट (पी.ए. पी.ए.) के तहत स्वच्छ ऊर्जा की आपूर्ति सुनिश्चित करेगी। इस व्यवस्था के तहत, टी.पी.टी.सी.एल.टाटा पावर रिन्युएबल एनर्जी लिमिटेड (टी.पी.आर.ई.एल.) की संपत्तियों से 10.8 मेगावॉट की पवन ऊर्जा एनआईए को उपलब्ध कराएगी।
इसके अतिरिक्त, टी.पी.आर.ई.एल. एयरपोर्ट की समग्र ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए 13 मेगावॉट की ऑनसाइट सौर ऊर्जा क्षमता का विकास, संचालन और रखरखाव करेगी। पवन और सौर दोनों स्रोत मिलकर एनआईए की टिकाऊ ऊर्जा जरूरतों को पूरा करेंगे, जो एयरपोर्ट अवसंरचना को टिकाऊ बनाने की दिशा में टाटा पावर की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
एयरपोर्ट की परिचालन क्षमता को और मजबूत करने के लिए, टाटा पावर आवश्यक इलेक्ट्रिकल अवसंरचना सहित प्रमुख ड्राई यूटिलिटीज का विकास कर रहा है और इसके लिए ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस (O&M) सेवाएं 25–वर्ष की अवधि के लिए प्रदान करेगा, ताकि एयरपोर्ट की स्मार्ट एनर्जी आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके। इसके लिए टाटा पावर और एनआईए के बीच समझौता पहले ही हो चुका है।
सौर और पवन ऊर्जा आपूर्ति तथा आवश्यक ड्राई यूटिलिटीज और स्मार्ट ऊर्जा अवसंरचना के विकास में ₹550 करोड़ (~$66 मिलियन) के कुल निवेश के साथ, यह समझौता एनआईए को स्वच्छ ऊर्जा प्रदान करने के लिए टाटा पावर की 25–वर्षीय प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
यह साझेदारी टिकाऊ और बड़े पैमाने पर ऊर्जा समाधान प्रदान करने के प्रति टाटा पावर की प्रतिबद्धता को उजागर करती है। यह भारत में तेजी से बढ़ते एयरपोर्ट अवसंरचना के संदर्भ में एक हरित मॉडल को दोहराने की क्षमता को भी दर्शाती है, जहां आने वाले दो दशकों में 200+ नए एयरपोर्ट बनने की योजना है।
इस साझेदारी पर टिप्पणी करते हुए डॉ. प्रवीर सिन्हा, सीईओ और एमडी, टाटा पावर ने कहा, “नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के साथ साझेदारी कर टाटा पावर नवीकरणीय ऊर्जा एकीकरण की दिशा में अग्रणी भूमिका निभाने पर गर्व महसूस कर रहा है। जैसे-जैसे देश अपनी विमानन अवसंरचना को सशक्त कर रहा है, हम नवोन्मेषी स्वच्छ ऊर्जा समाधान प्रदान कर इस परिवर्तन में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। यह सहयोग 'नेट ज़ीरो' एयरपोर्ट्स के विकास को समर्थन देगा और देश को हरित भविष्य की ओर तेज़ी से आगे बढ़ाएगा।”
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण में एक रनवे और एक टर्मिनल होगा, जिसकी वार्षिक यात्री संभाल क्षमता 1.2 करोड़ होगी। सभी चार विकास चरणों के पूरा होने के बाद, एयरपोर्ट 7 करोड़ यात्रियों की सेवा करने में सक्षम होगा।
श्री क्रिस्टोफ श्नेलमैन, सीईओ, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने कहा, “टाटा पावर के साथ साझेदारी हमारी सतत विकास यात्रा में एक बड़ा कदम है। हमारी ऊर्जा आवश्यकताओं का आधे से अधिक हिस्सा नवीकरणीय स्रोतों से प्राप्त कर हम अधिक टिकाऊ भविष्य की दिशा में निर्णायक कार्यवाही कर रहे हैं। यह समझौता हमारे दीर्घकालिक दृष्टिकोण को दर्शाता है — नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को पर्यावरण के प्रति जागरूक संचालन में अग्रणी बनाना।”
टाटा पावर और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बीच यह साझेदारी आधुनिक, टिकाऊ एयरपोर्ट्स के निर्माण की दिशा में एक प्रमुख पहल है, जो भारत के बढ़ते विमानन क्षेत्र की मांगों को पूरा कर सके। टाटा पावर का दृष्टिकोण — निवेश से लेकर परियोजना निष्पादन, व्यापारिक सुगमता और दीर्घकालिक O&M सेवाओं तक — विश्वसनीयता और दक्षता सुनिश्चित करने के लिए अनुकूलित, टिकाऊ ऊर्जा समाधानों की नींव रखता है।

बाएं से दाएं:
क्रिस्टोफ श्नेलमैन, सीईओ, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट; ललित शाह, चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर (एनआईए), टाटा पावर; निकोलस शेंक, सीडीओ, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट; दीपेश नंदा, सीईओ और एमडी, टीपीआरईएल; संजय बंगा, प्रेसिडेंट–ट्रांसमिशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन, टाटा पावर; तरुण कटियार, सीईओ, टीपीटीसीएल; और विद्येश राजे, हेड– बिजनेस डेवलपमेंट (यूटिलिटी स्केल प्रोजेक्ट्स), टाटा पावर।
टाटा पावर के बारे में
टाटा पावर एक अग्रणी एकीकृत ऊर्जा कंपनी है और भारत के सबसे बड़े बहुराष्ट्रीय व्यापार समूह, टाटा समूह का हिस्सा है। कंपनी की 15,010 मेगावाट की विविधीकृत ऊर्जा क्षमता है, जो नवीकरणीय और पारंपरिक ऊर्जा उत्पादन से लेकर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन, ट्रेडिंग, स्टोरेज सॉल्यूशंस और सोलर सेल एवं मॉड्यूल निर्माण तक ऊर्जा मूल्य श्रृंखला के सभी क्षेत्रों में फैली है। भारत में स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन की अग्रणी कंपनी के रूप में, टाटा पावर की 6,150 मेगावाट की स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन क्षमता है, जो इसकी कुल उत्पादन क्षमता का 41% है। कंपनी ने 2045 से पहले कार्बन न्यूट्रल बनने का संकल्प लिया है। टाटा पावर ने भारत का सबसे व्यापक स्वच्छ ऊर्जा प्लेटफ़ॉर्म स्थापित किया है, जिसमें रूफटॉप सोलर, माइक्रोग्रिड्स, स्टोरेज सॉल्यूशंस, ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, होम ऑटोमेशन आदि सेवाएं शामिल हैं। कंपनी ने अपने विकास और दृष्टिकोण का समर्थन करने के लिए वैश्विक निवेशकों को भी आकर्षित किया है। टाटा पावर ने भारत में सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों में बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन के क्षेत्रों में सफल साझेदारियाँ की हैं और देशभर में लगभग 1.3 करोड़ ग्राहकों को सेवाएं प्रदान की हैं। टाटा पावर के बारे में अधिक जानने के लिए देखें:
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बारे में
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (आई.ए.टी.ए. कोड – डी.एक्स.एन.) ग्रेटर दिल्ली क्षेत्र और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को भारत और दुनिया के अन्य शहरों से जोड़ेगा। यह विश्व–स्तरीय एयरपोर्ट स्विस दक्षता और भारतीय मेहमाननवाज़ी को एक साथ लाकर यात्रियों को समृद्ध अनुभव और व्यापक व्यावसायिक आकर्षण एवं सेवाएं प्रदान करेगा। एनआईए अपने वर्ग का भारत का पहला एयरपोर्ट होगा जो नेट ज़ीरो उत्सर्जन प्राप्त करेगा, जिससे टिकाऊ एयरपोर्ट संचालन के लिए एक नया मानक स्थापित होगा।
यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (वाई.आई.ए.पी.एल.) की स्थापना नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट नामक ग्रीनफील्ड परियोजना के विकास, निर्माण और संचालन के लिए की गई थी। यह कंपनी ज़्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी की 100% सहायक इकाई है और उत्तर प्रदेश सरकार एवं भारत सरकार के साथ मिलकर इस सार्वजनिक–निजी साझेदारी परियोजना के कार्यान्वयन की जिम्मेदार है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए रियायत अवधि 01 अक्टूबर 2021 से शुरू हुई है और यह 40 वर्षों तक चलेगी। उद्घाटन के समय, एयरपोर्ट में एक रनवे और एक टर्मिनल होगा और यह 1.2 करोड़ यात्रियों की वार्षिक क्षमता को संभालेगा — साथ ही आगे के निर्माण चरणों में विस्तार की भी संभावना है।
मीडिया संपर्क - टाटा पावर
ज्योति कुमार बंसल
चीफ – ब्रांडिंग और संचार, टाटा पावर
मीडिया संपर्क - जेनेसिस बीसीडब्ल्यू पीआर
सुष्मिता मंडल बर्सन
