इंडिगो नोएडा हवाई अड्डे से परिचालन शुरू करने वाली पहली एयरलाइन बनी।

नोएडा हवाई अड्डे ने पहली वाणिज्यिक उड़ानों का स्वागत किया, परिचालन का हुआ शुभारंभ
राष्ट्रीय, 15 जून 2026
भारत के विमानन क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक क्षण में, नोएडा हवाई अड्डा (एन.आई.ए.) ने आज वाणिज्यिक उड़ान परिचालन शुरू करते हुए अपने पहले यात्रियों का स्वागत किया। यह उपलब्धि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए एक नए हवाई संपर्क केंद्र की शुरुआत का प्रतीक है। इंडिगो नोएडा हवाई अड्डे से परिचालन शुरू करने वाली पहली एयरलाइन बनी। उद्घाटन उड़ान आज सुबह लखनऊ से पहुँची
28 मार्च 2026 को माननीय प्रधानमंत्री द्वारा उद्घाटन के बाद, हवाई अड्डे ने व्यापक ऑपरेशनल रेडीनेस, एक्टिवेशन एंड ट्रांज़िशन (ओ.आर.ए.टी.) परीक्षण पूरे किए, ताकि प्रणालियाँ, प्रक्रियाएँ और टीमें सुरक्षित, निर्बाध और कुशल परिचालन प्रदान करने के लिए पूरी तरह तैयार हों।
प्रारंभिक चरण में हवाई अड्डा घरेलू उड़ानों का संचालन करेगा, जबकि अंतरराष्ट्रीय उड़ान सेवाएँ आने वाले महीनों में शुरू किए जाने की योजना है। यात्रियों की आगे की यात्रा को सुगम बनाने के लिए विभिन्न बजट और यात्रा आवश्यकताओं के अनुरूप कई परिवहन विकल्प उपलब्ध होंगे। इनमें हवाई अड्डा टैक्सी सेवाएँ, ऐप-आधारित कैब सेवाएँ और दिल्ली-एनसीआर तथा उत्तर भारत के प्रमुख शहरों को जोड़ने वाली समर्पित बस सेवाएँ शामिल हैं।
हवाई अड्डे में एयर इंडिया सैट्स (ए.आई.एस.ए.टी.एस.) द्वारा विकसित समर्पित एयर कार्गो सुविधाएँ भी उपलब्ध हैं, जिनकी प्रारंभिक वार्षिक क्षमता 2,00,000 मीट्रिक टन है और जिसे बढ़ाकर 15 लाख टन तक करने की योजना है।
इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (आई.ए.टी.ए.) द्वारा अनुशंसित ई-फ्रेट प्रणाली जैसी उन्नत डिजिटल तकनीकों का उपयोग करते हुए, एन.आई.ए. का कार्गो हब दस्तावेज़ीकरण को सरल बनाएगा, एंड-टू-एंड लाइव ट्रैकिंग सक्षम करेगा और कागज़ रहित कार्गो परिवहन को बढ़ावा देगा। हवाई अड्डे का वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र ई-कॉमर्स कंपनियों और फ्रेट फ़ॉरवर्डर्स को अधिक परिचालन लचीलापन प्रदान करेगा, जिससे उत्तर भारत के व्यापार और लॉजिस्टिक्स तंत्र को मजबूती मिलेगी।
क्रिस्टोफ़ श्नेलमैन, उपाध्यक्ष, नोएडा हवाई अड्डा ने कहा: "आज उन सभी लोगों के लिए गर्व का क्षण है जिन्होंने नोएडा हवाई अड्डे को साकार करने में योगदान दिया है। हमें अपने पहले यात्रियों और पहली उड़ानों का स्वागत करते हुए अत्यंत खुशी हो रही है। शुरुआत से ही हमारा ध्यान एक ऐसे हवाई अड्डे के निर्माण पर रहा है जो उत्कृष्ट परिचालन क्षमता के साथ-साथ एक बेहतरीन ग्राहक अनुभव भी प्रदान करे। हमें खुशी है कि इंडिगो ने आज यहाँ परिचालन शुरू किया है और हम यात्रियों को एक सहज और परेशानी-मुक्त अनुभव प्रदान करने के लिए उत्साहित हैं, जो इस क्षेत्र की मेहमाननवाज़ी, संस्कृति और पहचान को दर्शाता है।"
नोएडा हवाई अड्डे को यात्रियों को एक सहज, सरल और आधुनिक यात्रा अनुभव प्रदान करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
यात्रियों को भौतिक दस्तावेज़ों की आवश्यकता के बिना डिजीयात्रा आधारित यात्रा, सेल्फ-सर्विस चेक-इन, बैग ड्रॉप सुविधाओं तथा वैश्विक ब्रांडों और स्थानीय स्वादों का समावेश करने वाले विविध रिटेल और भोजन विकल्पों का लाभ मिलेगा।
एन.आई.ए. का डिज़ाइन आधुनिक कार्यक्षमता और स्थानीय विरासत का एक अनूठा संगम है। यात्रियों को एक ऐसा हवाई अड्डा अनुभव होगा जो अपनी क्षेत्रीय पहचान से गहराई से जुड़ा हुआ है और जिसकी वास्तुकला उत्तर प्रदेश और भारत की सांस्कृतिक प्रेरणाओं पर आधारित है।
टर्मिनल फोरकोर्ट में वाराणसी के प्रसिद्ध घाटों से प्रेरित सीढ़ीनुमा संरचनाएँ और पारंपरिक हवेलियों की याद दिलाने वाली सजावटी जालीदार डिज़ाइन इसकी विशेषताएँ हैं। ऊँची छतें, सुरक्षा जांच के बाद शांत आंगन, प्राकृतिक रोशनी का व्यापक उपयोग, चयनित कला प्रतिष्ठापन और सहज मार्गदर्शन प्रणाली मिलकर यात्रियों के लिए एक आरामदायक, गर्मजोशी भरा और स्वागतपूर्ण वातावरण तैयार करते हैं।
पूरे टर्मिनल में स्थापित कला प्रतिष्ठापन, भरपूर प्राकृतिक प्रकाश और हरित परिदृश्य यात्रियों को इस क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा एक विशिष्ट अनुभव प्रदान करते हैं।
प्रथम चरण में प्रतिवर्ष 1.2 करोड़ यात्रियों की सेवा देने की क्षमता के साथ, एन.आई.ए. को ग्राहक सेवा, परिचालन दक्षता, डिजिटल नवाचार और स्थिरता पर विशेष ध्यान देते हुए भविष्य के लिए तैयार विमानन केंद्र के रूप में विकसित किया गया है।
यह हवाई अड्डा क्षेत्रीय संपर्क बढ़ाने, पर्यटन और व्यापार को प्रोत्साहित करने तथा दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और उत्तर भारत में आर्थिक विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
नोएडा हवाई अड्डे के बारे में
नोएडा हवाई अड्डा (IATA कोड - DXN) ग्रेटर दिल्ली क्षेत्र और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को भारत और दुनिया के अन्य शहरों से जोड़ता है। यह विश्वस्तरीय हवाई अड्डा यात्रियों को उत्कृष्ट अनुभवों, व्यावसायिक सुविधाओं और व्यापक सेवाओं की पेशकश करने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। एन.आई.ए. सतत डिज़ाइन और परिचालन सिद्धांतों के माध्यम से शुद्ध-शून्य उत्सर्जन (नेट ज़ीरो एमिशन) के महत्वाकांक्षी लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध है।
यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (YIAPL / वाई.आई.ए.पी.एल.) की स्थापना ग्रीनफ़ील्ड परियोजना – नोएडा हवाई अड्डा – के विकास, निर्माण और संचालन के लिए की गई थी। यह कंपनी ज़्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल ए.जी. की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी है और उत्तर प्रदेश सरकार तथा भारत सरकार के साथ मिलकर सार्वजनिक-निजी भागीदारी परियोजना को लागू करने के लिए उत्तरदायी है।
नोएडा हवाई अड्डे की रियायत अवधि 1 अक्टूबर 2021 से शुरू हुई और यह 40 वर्षों तक प्रभावी रहेगी। वर्तमान में हवाई अड्डे में एक रनवे और एक यात्री टर्मिनल है, जिसकी क्षमता प्रतिवर्ष 1.2 करोड़ यात्रियों की सेवा करने की है। हवाई अड्डे की मास्टर प्लानिंग के अनुसार भविष्य में इसका विस्तार कर इसे प्रतिवर्ष 7 करोड़ से अधिक यात्रियों की सेवा देने योग्य बनाया जाएगा।
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